धनघटा की चाय दुकान पर संदिग्ध हालात में मिला अधेड़ का शव, जांच में जुटी पुलिस
धनघटा की चाय दुकान पर संदिग्ध हालात में मिला अधेड़ का शव, जांच में जुटी पुलिस
- महुली थाना क्षेत्र के सिक्टहा गांव का रहने वाला था मृतक
- जलपान की दुकान की बेंच पर मिले तहसील संबंधी दस्तावेज
नाथनगर/संतकबीरनगर। महुली थाना क्षेत्र के ग्राम सिक्टहा निवासी एक अधेड़ का शव शुक्रवार सुबह धनघटा चौराहे के निकट स्थित एक जलपान की दुकान पर संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार सिक्टहा गांव निवासी 55 वर्षीय पुरुषोत्तम पाल पुत्र वीर बहादुर पाल का शव शुक्रवार सुबह करीब साढ़े सात बजे धनघटा चौराहे से शनिचरा मार्ग पर स्थित रामदरश की जलपान की दुकान की बेंच पर पड़ा मिला। दुकान पर मौजूद लोगों ने जब उन्हें अचेत अवस्था में देखा तो तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच के दौरान बेंच पर तहसील संबंधी कुछ दस्तावेज भी बरामद किए। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुरुषोत्तम पाल प्रतिदिन की तरह शुक्रवार सुबह भी घर से सवारी वाहन के जरिए धनघटा आए थे। उनकी अचानक हुई मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि मौत का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। सूचना पर धनघटा पुलिस के उपनिरीक्षक अवधेश सिंह यादव, उपनिरीक्षक अनिल कुमार राय तथा हमराह मुन्ने लाल मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फर्जी मुकदमा दर्ज होने के बाद पिता का बिगड़ा था मासिक संतुलन- बेटा गौरव
नाथनगर/संतकबीरनगर। मृतक पुरुषोत्तम पाल के बेटे गौरव पाल ने बताया कि उनके पिता धनघटा तहसील में मुंशी गीरी का काम करते थे जिसके आधार पर शनिचरा बाबू निवासी गोविंदर काशी आदि पर जिनके ऊपर पहले से ही दुष्कर्म का केस चल रहा था जिनकी हाई कोर्ट में जमानत के लिए उनके पिता ने 70 हजार लिया था जो पैरवी में खर्च हो गया था। कुछ दिन बाद एक व्यक्ति के ललकारने पर उनके घर की महिला रामवती देवी पत्नी काशी ने पैसा वापस मांगने लगी न देने पर जांन माल की धमकी भी दिया तथा 13 फरवरी को पुलिस को फर्जी सूचना दिया कि पुरुषोत्तम पाल उनके पुत्र गौरव पाल उन्हें मारने पीटने तथा उनकी नाबालिक बच्ची से दुष्कर्म का प्रयास करने का प्रयास किया। पुलिस जांच में फर्जी निकाला वह न्यायालय से मुकदमा दर्ज कराने का आदेश 7 जुलाई को करवाया जिसके आधार पर पुलिस ने बिना जांच पड़ताल के ही मुकदमा दर्ज कर लिया तथा मुकदमा दर्ज करने के बाद आईओ द्वारा मुकदमा खत्म करने के नाम पर उनसे मोटी रकम की मांग की गई। पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने तथा पैसा दिलवाने के लिए दबाव बनाने लगी। उनका मानसिक संतुलन पैसा वापसी के लिए बिगड़ गया बुधवार को सुबह जब वह घर से पैसे की तलाश में निकले और वापस घर नहीं लौटे। शुक्रवार की सुबह 6ः00 बजे के लगभग 112 नंबर से फोन पर सूचना मिली कि उनके पिता की तबीयत धनघटा में खराब है वह अपने ग्रामीणों के साथ पहुंचे तो मृतक पाए गए। उन्होंने कहा कि फर्जी मुकदमे की बादी रामवती देवी व पुलिस मिलकर उन पर दबाव बना रही थी जिससे उनका मानसिक संतुलन खराब हो गया और आज सुबह उनकी मौत हो गई। उन्होंने मौत का कारण मुकदमे के बादी रामवती देवी व चौकी इंचार्ज शनिचरा बाबू पर लगाते हुए कार्रवाई की मांग किया। हालांकि पुलिस ने आरोपो से इनकार करते हुए लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है इसके बाद ही मौत का कारण सही पता लग पाएगा।
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