भवन की जर्जर हालत से मरीजों ने बनाई दूरी, भगवानपुर पुर्वी का एएनएम सेंटर
अपनी बदहाली पर आशु बहा रहा भगवानपुर पुर्वी का एएनएम सेंटर
- भवन की जर्जर हालत से मरीजों ने बनाई दूरी, ग्रामीणों ने मरम्मत की उठाई मांग
- एएनएम सेंटर भगवानपुर पूर्वी का हाल
नाथनगर/संतकबीरनगर। नाथनगर ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत भगवानपुर पूर्वी में स्थित एएनएम सेंटर आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। कभी ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं की उम्मीद बना यह केंद्र अब खुद खस्ताहाल होकर हादसे को दावत देता नजर आ रहा है। भवन की जर्जर दीवारें, सड़े हुए दरवाजे, उखड़ा फर्श और टूटे-फूटे फर्नीचर इसकी बदहाली की कहानी बयां कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। करीब डेढ़ दशक पहले जब इस एएनएम सेंटर का निर्माण हुआ था। तब भगवानपुर पूर्वी सहित आसपास की ग्राम पंचायतों के लोगों में खुशी की लहर थी।
उम्मीद थी कि गर्भवती महिलाओं को प्रसव, टीकाकरण और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा। शुरुआती दिनों में यह केंद्र ग्रामीणों के लिए काफी उपयोगी साबित हुआ। लेकिन समय के साथ भवन की स्थिति लगातार खराब होती चली गई और अब यह पूरी तरह जर्जर हो चुका है। ग्रामीणों के अनुसार भवन के दरवाजे सड़ चुके हैं। फर्श जगह जगह टूट गया है, और अंदर रखा फर्नीचर भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। भवन की हालत इतनी खराब है कि यहां आने से मरीज भी डरते हैं। जर्जर छत और दीवारों के कारण हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। प्रधान प्रतिनिधि विजय शंकर राय ने बताया कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से भवन के जीर्णाेद्धार और सुविधाओं के लिए प्रयास किया। लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। वर्तमान में केंद्र जेएसवाई श्रेणी में होने के बावजूद आवश्यक सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। ग्रामीण शोभा देवी, मुन्नाका देवी और छोहारी ने बताया कि सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं को उठानी पड़ती है। जर्जर भवन में जाने का जोखिम कोई नहीं लेना चाहता।
इसलिए मजबूर होकर उन्हें इलाज और प्रसव के लिए दूर स्थित स्वास्थ्य केंद्रों का रुख करना पड़ता है। इससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त बर्बादी होती है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग इस निष्प्रयोज्य हो चुके भवन की मरम्मत को लेकर पूरी तरह उदासीन बना हुआ है। लोगों ने मांग की है कि भवन का तत्काल जीर्णाेद्धार कराया जाए या फिर नया एएनएम सेंटर बनवाया जाए। ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी भी दिन कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी। प्रधान प्रतिनिधि विजय शंकर राय ने बताया कि यह एएनएम सेंटर काफी खस्ताहाल हो चुका है। तैनात कर्मचारी तो जान जोखिम में डालकर ड्यूटी करती है। लेकिन मरीज पहुंचने से काफी डरते है। काया बदलने के लिए काफी प्रयास किया लेकिन कोई सुनवाई नही हुई।
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