कैंसर से जूझ रहे राजेंद्र की जिंदगी पर आर्थिक संकट की मार, इलाज के लिए समाज से मदद की अपील

Jul 14, 2026 - 17:40
कैंसर से जूझ रहे राजेंद्र की जिंदगी पर आर्थिक संकट की मार, इलाज के लिए समाज से मदद की अपील

कैंसर से जूझ रहे राजेंद्र की जिंदगी पर आर्थिक संकट की मार, इलाज के लिए समाज से मदद की अपील
धनघटा/संतकबीरनगर। सरकार की ओर से गरीबों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जाती हैं, लेकिन कई बार सरकारी अभिलेखों की खामियां और प्रक्रियागत उलझनें वास्तविक जरूरतमंदों को इन योजनाओं के लाभ से वंचित कर देती हैं। ऐसा ही एक मामला धनघटा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत खैरा के निबिया टोला निवासी राजेंद्र राजभर के परिवार का सामने आया है। लगभग भूमिहीन, अत्यंत गरीब और पिछड़े समाज से आने वाले 50 वर्षीय राजेंद्र राजभर अपने परिवार का भरण-पोषण मेहनत-मजदूरी करके करते रहे हैं। कठिन परिश्रम से उन्होंने अपना एक छोटा-सा अधूरा मकान भी बनाया है। लेकिन आज यह परिवार गंभीर आर्थिक और मानवीय संकट से गुजर रहा है। करीब दो महीने पहले राजेंद्र की तबीयत बिगड़नी शुरू हुई।

उन्हें सीने में दर्द, बुखार और लगातार कमजोरी की शिकायत हुई। शुरुआत में स्थानीय स्तर पर इलाज कराया गया। बाद में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पताल तक उपचार चला, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। आर्थिक तंगी के बावजूद परिवार और रिश्तेदारों ने जैसे-तैसे जांच और इलाज का खर्च जुटाया। जांच रिपोर्ट आने पर पता चला कि राजेंद्र कैंसर से पीड़ित हैं। यह खबर परिवार पर मानो वज्रपात साबित हुई। घर की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर थी और अब परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य के गंभीर रूप से बीमार होने से संकट और गहरा गया है। जानकारी मिलने पर सामाजिक स्तर पर भी कुछ लोगों ने परिवार की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान यह जानकर आश्चर्य हुआ कि राजेंद्र का आयुष्मान भारत कार्ड नहीं बना है। जांच करने पर पता चला कि पहले उनका परिवार बीपीएल सूची में शामिल था, लेकिन बाद में किसी कारणवश उनका नाम सूची से हट गया।

परिवार का आरोप है कि स्थानीय स्तर की राजनीति और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण वे सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के लाभ से वंचित रह गए।इस बीच राजेंद्र को इलाज के लिए राजीव गांधी कैंसर संस्थान एवं अनुसंधान केंद्र, नई दिल्ली से बुलावा मिला है, लेकिन आर्थिक संसाधनों के अभाव में परिवार के सामने सबसे बड़ा प्रश्न इलाज का खर्च जुटाने का है।अब यह मामला केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि उन तमाम जरूरतमंद लोगों की वास्तविकता को सामने लाता है जो सरकारी योजनाओं के दायरे से बाहर हो जाने के बाद गंभीर संकट में अकेले पड़ जाते हैं।राजेंद्र राजभर के परिवार ने समाज, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और सक्षम लोगों से मदद की अपील की है ताकि समय रहते उनका इलाज शुरू हो सके और उन्हें नई जिंदगी मिल सके।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0
मीडिया हाउस खलीलाबाद I work in the office of Media House, News Editor Vijay Kumar, NH 28 Nedula Khalilabad. News related work is done in our office like daily news, crime news, political departmental news and many more, Don't fake news, हमारी टीम सही ढंग से जांच करके ही इस न्यूज पोर्टल पर अपलोड करती है। किसी को किसी प्रकार की समस्या हो तो हमसे सीधा संपर्क करे - E-mail aryanbabukld@gmail.com, WhatsApp Mo No- 8318824028, 9918173952