डीएम के आदेश पर महुली में जलनिकासी की समस्या पर चलाया बुल्डोजर, ग्रामीणों ने ली राहत की सास
डीएम के आदेश पर महुली में जलनिकासी की समस्या पर चलाया बुल्डोजर, ग्रामीणों ने ली राहत की सास
- भूमिधरी विवाद के कारण एक महीने से ठप था जल निकासी
- नायब तहसीलदार व थानाध्यक्ष की मौजूदगी में हुई कार्रवाई, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
नाथनगर/संतकबीरनगर। महुली कस्बा में पिछले एक माह से जलनिकासी बाधित होने के कारण लोगों को हो रही परेशानी आखिरकार मंगलवार को खत्म हो गई।जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बुलडोजर से बंद पड़ी नाली की खुदाई कराकर जल निकासी का रास्ता खुलवा दिया। नायब तहसीलदार धनघटा राजेश मिश्र और थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश कुमार पांडेय की निगरानी में हुई इस कार्रवाई के बाद कस्बे में जमा पानी निकलने की समस्या खत्म होने के आसार दिखने लगे। लंबे समय से समस्या झेल रहे ग्रामीणों के चेहरों पर राहत देखने को मिल रही थी। महुली कस्बा के मुख्य बाजार मार्ग पर पिछले एक माह से जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई थी।
घरों से निकलने वाले दूषित पानी और बारिश के चलते सड़क और आसपास की गलियां डेढ़ से दो फीट तक पानी में डूब गई थी। दुकानों के सामने पानी भर जाने से कई व्यापारियों को दुकानें बंद करनी पड़ीं। जबकि राहगीरों और स्थानीय लोगों का आवागमन भी बुरी तरह प्रभावित रहा। गंदा पानी जमा रहने से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा था। ग्रामीणों के अनुसार महुलिया खुर्द गांव निवासी कुछ लोग सड़क किनारे अपनी भूमिधरी भूमि पर मकान निर्माण शुरू किया। इसी स्थान से वर्षों से बारिश का पानी निकलता था।
ग्रामीणों के अनुसार नाली के लिए जगह छोड़ने की मांग की गई थी। लेकिन भूमि स्वामित्व का दावा करते हुए नाली के लिए स्थान देने से इनकार कर दिया गया। विवाद बढ़ने पर नाराज ग्रामीणों ने निर्माणाधीन दीवार गिरा दी। इस मामले में भूमि स्वामी नेआधा दर्जन लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया है। समस्या लगातार गंभीर होती देख ग्रामीणों ने जिलाधिकारी आलोक कुमार से गुहार लगाई थी। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एडीएम और एडिशनल एसपी को मौके पर जांच के निर्देश दिए थे। अधिकारियों ने स्थलीय निरीक्षण कर तहसील प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी। राजस्व विभाग की जांच में सामने आया कि जिस भूमि पर भू-स्वामी अपना दावा कर रहा था।
वह उसके वास्तविक मालिकाना हक से पांच एयर अधिक है। राजस्व रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने तीन मीटर चौड़ी और 36 मीटर लंबी नाली के लिए खुदाई कर सीमा चिन्हित कराने के निर्देश दिए। मंगलवार को नायब तहसीलदार राजेश मिश्र और थानाध्यक्ष दुर्गेश पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उनकी मौजूदगी में बुलडोजर से नाली की खुदाई कराकर जल निकासी का मार्ग बहाल करने में जुट गए। लंबे समय से जलभराव की समस्या झेल रहे कस्बावासियों और दुकानदारों ने कार्रवाई पर खुशी व्यक्त किया। लोगों ने उम्मीद जताई कि अब बरसात के दौरान उन्हें जलजमाव और उससे होने वाली परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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