सूर्या इंटरनेशनल स्कूल में धूमधाम से मनाया गया रक्षाबंधन
सूर्या इंटरनेशनल स्कूल में धूमधाम से मनाया गया रक्षाबंधन
-भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के संदेश के साथ बच्चों ने बांटी खुशियां
संतकबीरनगर। “मेरी राखी का मतलब है प्यार भैया...” की मधुर धुन और चारों ओर बिखरी खुशियों के बीच जिले के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान सूर्या इंटरनेशनल सीनियर सेकेंड्री स्कूल, खलीलाबाद में भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन अत्यंत हर्षाेल्लास, उत्साह और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने पूरे माहौल को प्रेम, स्नेह और भाईचारे के रंग में रंग दिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की नन्हीं-मुन्नी बच्चियों ने अपने सहपाठी भाइयों की कलाई पर रंग-बिरंगी एवं रेशमी राखियां बांधकर उनकी लंबी उम्र, सुखमय जीवन और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। बदले में नन्हें भाइयों ने भी अपनी बहनों के सम्मान, सुरक्षा और हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े रहने का पवित्र संकल्प लिया। राखी बांधने के बाद बच्चों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशियां बांटीं और रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर बच्चों ने रक्षाबंधन पर्व के महत्व को आत्मसात करते हुए भाई-बहन के प्रेम और विश्वास को मजबूत बनाने का संदेश दिया। विद्यालय परिसर में जगह-जगह बच्चों की मुस्कान और उत्साह देखते ही बन रहा था। शिक्षकों ने भी बच्चों को रक्षाबंधन के सांस्कृतिक, सामाजिक और नैतिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सूर्या ग्रुप के चेयरमैन डॉ. उदय प्रताप चतुर्वेदी ने कहा कि रक्षाबंधन का त्योहार भारतीय संस्कृति में रिश्तों की मर्यादा, प्रेम, विश्वास और नैतिक मूल्यों को परिभाषित करता है। उन्होंने कहा कि यह पर्व केवल भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित नहीं है, बल्कि एक-दूसरे के सम्मान और सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी का भी संदेश देता है। डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि “अपनी सांस्कृतिक विरासत, मर्यादा और संस्कारों को आत्मसात किए बिना कोई भी व्यक्ति सच्चा हिंदुस्तानी नहीं बन सकता।” उन्होंने छात्र-छात्राओं से भारतीय संस्कृति और परंपराओं को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। साथ ही सभी छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और जनपदवासियों को रक्षाबंधन पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए इस महान पर्व की सांस्कृतिक विरासत को संजोकर रखने की अपील की। विद्यालय की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर सविता चतुर्वेदी ने राखी बांधने वाली बच्चियों को उपहार देकर उनका उत्साहवर्धन किया और सभी बच्चों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल बच्चों को किताबी ज्ञान देना नहीं है, बल्कि उन्हें संस्कारवान, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के बच्चों ने आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य रविनेश श्रीवास्तव, नितेश द्विवेदी,आरती चौधरी, आशुतोष पाण्डेय सहित समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन बच्चों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं और भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों को आगे बढ़ाने के संदेश के साथ हुआ।
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