प्रोटोकाल का उल्लंघन करने पर संतकबीरनगर डीएम को पड़ा भारी, देना होगा स्पष्टीकरण
प्रोटोकाल का उल्लंघन करने पर संतकबीरनगर डीएम को पड़ा भारी, देना होगा स्पष्टीकरण
- विधायक मेंहदावल ने शासन स्तर पर डीएम का किया शिकायत
- बखिरा थाना क्षेत्र के बभनी चौराहे पर बीते 18 जून को आनन्द हत्याकाण्ड का मामला एक बार फिर सुर्खियो में
- मुख्यमंत्री राहत कोष से पॉच लाख रूपये देने के लिए पूर्व विधायक को ले जाना डीएम को पड़ा भारी
संतकबीरनगर। बखिरा थाना क्षेत्र के बभनी चौराहे पर बीते 18 जून 2026 को चर्चित आनन्द गौतम हत्याकाण्ड एक बार सुर्खियो में आ गया है। बताते चले कि थाना क्षेत्र के कुसम्हा माफी गाव निवासी नारिस व निरहू और जैगम निवासी जिवधरा एवं एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ बखिरा पुलिस ने हत्या और एससीएसटी सहित कई गंभीर धाराओ में केस दर्ज किया था। घटने के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था और पुलिस ने तीन नामजद आरोपियो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मृतक आनन्द गौतम की पत्नी मीना ने घटना एक सप्ताह बाद 27 जून को गोरख नाथ मंदिर पहुंचकर सीएम दरबार में अपनी हाजिरी लगायी थी और एक करोड़ रूपये मुवावजे की मांग के साथ सरकारी नौकरी और जमीन पट्टा दिलाने की मांग किया था। मुख्यमंत्री ने मीना की मांग को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष से 5 लाख रूपये देने की स्वीकृत किया। डीएम आलोक कुमार ने मेंहदावल के पूर्व विधायक राकेश सिंह बघेल को साथ ले जाकर मृतक की पत्नी मीना को पॉच लाख का चेक सौपा।
यह बात विधायक मेंहदावल अनिल कुमार त्रिपाठी को नागवार लगा और उन्होने अपने प्रोटो काल के उल्लंघन का हवाला देते हुए शासन स्तर पर शिकायत दर्ज करायी। मेंहदावल विधायक ने अपने पत्र में लिखा है कि शासन का सख्त निर्देश है कि अनहोनी घटना की आपदा होने पर प्रभावित लोगो को राहत सहायता वितरण जनप्रतिनिधि की मौजूदगी में होना चाहिए। लेकिन जिलाािकारी आलोक कुमार ने मुझे ले जाना अनिवार्य नही समझा एैसे में जनप्रतिनिधि के प्रोटो काल का घोर उल्लंघन है। इस प्रकार की कार्यवाही कार्य पालिका एंव विधायिका के मध्य उपेक्षा को दर्शाता है। विधायक के पत्र को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश शासन नियुक्ति विभाग-5 संख्या 1/1405092/2026 दिनांक 22 जुलाई 2026 को विशेष सचिव विजय कुमार नें डीएम आलोक कुमार को पत्र भेजकर अवगत कराया है कि विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी सदस्य विधान सभा द्वारा आप के विरूद्ध शिकायत प्रस्तुत की गयी है।
विशेष सचिव ने पत्र में लिखा है कि प्रोटोकाल उल्लंघन की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। विशेष सचिव ने डीएम को निर्देशित किया है कि 5 दिन के अन्दर अपना स्पष्टीकरण दे जिससे सूचना विधान सभा सचिवालय को दी जा सके। विशेष सचिव के पत्र से जिलो में चर्चाओ का बाजार गर्म है। वहीं डीएम के लिए विधायक को इग्नोर करना जी का जंजाल बन गया है। इस बावत विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ का सख्त निर्देश है कि जनप्रतिनिधि का सम्मान जिले के सभी अधिकारी करे। लेकिन कुछ एैसे मनबढ़ किस्म के अधिकारी है जो बहकावे में आकर प्रोटोकाल का उल्लंघ कर रहे है। एैसे लोगो को कदापि नही बख्शा जायेगा। वहीं इस बावत जिलाधिकारी आलोक कुमार ने कहा कि जनप्रतिनिधि का सम्मान करना हमारी प्रथम प्राथमिकता है।
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