घर से नाराज़ होकर निकली दो नाबालिग बालिकाओं को पुलिस ने सुरक्षित परिजनों को सौंपा
घर से नाराज़ होकर निकली दो नाबालिग बालिकाओं को पुलिस ने सुरक्षित परिजनों को सौंपा
-तीन दिनों बाद परिजनों की लौटी मुस्कान
संतकबीरनगर। कई बार छोटी-सी नाराज़गी परिवारों को ऐसी चिंता में डाल देती है, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। ऐसा ही एक मामला उस समय सामने आया, जब बिहार राज्य के जनपद कैमूर की दो नाबालिग बालिकाएं घर से नाराज़ होकर बिना किसी को बताए निकल गई। वह विभिन्न स्थानों से होते हुए थाना महुली क्षेत्र में पहुँच गई। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में सूचना प्राप्त होते ही थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश कुमार पांडे के नेतृत्व में पुलिस टीम तत्काल सक्रिय हुई। पुलिसकर्मियों ने बालिका को पूरी संवेदनशीलता, आत्मीयता एवं विश्वास के साथ सुरक्षित संरक्षण में लिया। शांतिपूर्वक बातचीत करने पर ज्ञात हुआ कि वह पारिवारिक नाराज़गी के कारण घर छोड़कर चली आई थी। थाना महुली पुलिस ने बिना विलंब किए उसके परिजनों एवं संबंधित जनपद कैमूर राज्य बिहार की पुलिस से संपर्क स्थापित किया। आवश्यक सत्यापन एवं विधिक प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद परिजनों को थाना महुली बुलाया गया। जब परिजन थाना पहुँचे और अपनी बेटियों को सकुशल देखा तो उनकी आँखों से राहत और खुशी के आँसू छलक पड़े। तीन दिनों से व्याकुल परिवार ने बेटियों को सीने से लगाया और थाना महुली पुलिस का हृदय से आभार व्यक्त किया। यह घटना एक बार फिर सिद्ध करती है कि पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने का कार्य ही नहीं करती बल्कि संकट की घड़ी में परिवारों की उम्मीद बनकर मानवीय संवेदनाओं का भी निर्वहन करती है। थाना महुली पुलिस ने अपील किया कि बच्चे परिवार की सबसे अनमोल धरोहर हैं। यदि किसी कारणवश घर में मतभेद या नाराज़गी हो जाए तो संवाद बनाए रखें और बच्चों की भावनाओं को समझने का प्रयास करें। वहीं यदि कोई बच्चा घर से लापता हो जाए या भटका हुआ मिले तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। समय पर की गई सूचना किसी परिवार की खुशियाँ वापस ला सकती है।
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