धोखाधड़ी के शिकार पीड़ित को संतकबीरनगर पुलिस ने कराया 21 हजार वापस
धोखाधड़ी के शिकार पीड़ित को संतकबीरनगर पुलिस ने कराया 21 हजार वापस
संतकबीरनगर। क्रैक साइबर क्राइम अभियान के तहत साइबर अपराधों की रोकथाम एवं पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने के लिए साइबर हेल्प डेस्क थाना कोतवाली खलीलाबाद पुलिस नें सतत प्रभावी कार्रवाई कार्यवाही करते हुए साइबर ठगी के शिकार पीड़ित को 21 हजार रुपये की धनराशि उनके खाते में वापस कराया। कोतवाली प्रभारी जय प्रकाश दुबे ने बताया कि सच्चिदानन्द पाठक पुत्र अम्रेश पाठक निवासी छपिया थाना बखिरा हालमुकाम बीके फिलिंग स्टेशन रसूलाबाद मगहर थाना कोतवाली खलीलाबाद ने बीते 25 जून 2026 को समय करीब 9 बजे सुबह अपने परिवार के सदस्य के बैंक खाते में ऑनलाइन माध्यम से धनराशि प्रेषित की जा रही थी, किन्तु अनजाने में तकनीकी/मानवीय त्रुटि के कारण धनराशि किसी अन्य व्यक्ति के बैंक खाते में स्थानांतरित हो गई। आवेदक नें संबंधित व्यक्ति से संपर्क कर धनराशि वापस करने का अनुरोध किया, किन्तु उसके द्वारा राशि वापस नहीं की गई। उक्त प्रकरण के संबंध में आवेदक द्वारा थाना कोतवाली खलीलाबाद के साइबर हेल्प डेस्क पर प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। प्रार्थना पत्र प्राप्त होते ही साइबर हेल्प डेस्क, कोतवाली खलीलाबाद की टीम नें तत्काल आवश्यक कार्यवाही करते हुए संबंधित बैंक एवं अन्य माध्यमों से समन्वय स्थापित किया। टीम के त्वरित एवं प्रभावी प्रयासों के फलस्वरूप मात्र 6 घंटे के भीतर आवेदक के बैंक खाते में 21 हजार रुपये की धनराशि सफलतापूर्वक वापस करा दिया है। बरामदगी टीम में प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश दूबे, प्रभारी साइबर सेल वीरेन्द्र कुमार यादव, सिपाही रविकान्त कुशवाहा, शिवांगी सिंह, अनुज शुक्ला, ऋतिक वर्मा मौजूद रहे। जनपद पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, कॉल या संदेश पर अपनी बैंक जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या यूपीआई पिन साझा न करें। कोई व्यक्ति फोन पर रिश्तेदार या दोस्त बनकर पैसों की मांग करे, तो बिना उसकी पहचान की पुष्टि (वीडियो कॉल या अन्य माध्यम से) किए पैसे न भेजें। साइबर अपराधी अक्सर आवाज बदलकर या भावनात्मक दबाव बनाकर ठगी करते हैं। किसी भी संदिग्ध लेनदेन की शिकायत तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर दर्ज करें।
वहीं दूसरा मामला
साइबर ठगी के शिकार पीड़ित को दुधारा पुलिस ने कराया दस हजार वापस
संतकबीरनगर। क्रैक साइबर क्राइम अभियान के तहत साइबर अपराधों की रोकथाम एवं पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने के क्रम में साइबर हेल्प डेस्क थाना दुधारा पुलिस नें सतत प्रभावी कार्रवाई कार्यवाही करते हुए साइबर ठगी के शिकार पीड़ित को 10 हजार रुपये की धनराशि उनके खाते में वापस कराया। विजय कुमार दुबे निवासी ग्राम सुम्हा थाना दुधारा के माता जी के पास बीते 20 अपै्रल 2025 को किसी अज्ञात व्यक्ति नें फोन स्वयं को रिश्तेदार बताते हुए हास्पिटल में भर्ती होने का हवाला देते हुए 10 हजार रुपये मंगा लिया पीड़ित को जानकारी होने पर उनके साथ साइबर फ्राड हो गया है साइबर सेल थाना दुधारा में शिकायत किया था।
साइबर हेल्प डेस्क पर तैनात आरक्षी ऋषिकेश यादव द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए शिकायत पंजीकृत किया। पुलिस की प्रभावी पैरवी से 10 हजार रुपये की सम्पूर्ण धनराशि आवेदक के खाते में सफलतापूर्वक वापस करा दिया। बरामदगी टीम में थानाध्यक्ष अमित कुशवाहा, साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक अनिल मिश्रा, सिपाही अनुज कुमार, ऋषिकेश यादव, हर्ष सिंह, एकता सिंह मौजूद रहे। जनपद पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, कॉल या संदेश पर अपनी बैंक जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या यूपीआई पिन साझा न करें। कोई व्यक्ति फोन पर रिश्तेदार या दोस्त बनकर पैसों की मांग करे, तो बिना उसकी पहचान की पुष्टि (वीडियो कॉल या अन्य माध्यम से) किए पैसे न भेजें। साइबर अपराधी अक्सर आवाज बदलकर या भावनात्मक दबाव बनाकर ठगी करते हैं। किसी भी संदिग्ध लेनदेन की शिकायत तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर दर्ज करें।
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