संत कबीर नगर में रहने वाली रहिमुन्निशा नें ई-रिक्शा 8 वर्षो से चलाकर लिखी आत्मनिर्भरता की कहानी, जानिए क्या है सच्चाई
हौसलों की उड़ान रहिमुन्निशा ने ई-रिक्शा चलाकर लिखी आत्मनिर्भरता की कहानी
संतकबीरनगर। जनपद के मेहदावल नगर पंचायत क्षेत्र के दौरापार गांव की रहने वाली रहिमुन्निशा आज अपने संघर्ष और मेहनत के दम पर महिला सशक्तिकरण की एक प्रेरणादायक मिसाल बन गई हैं। उन्होंने यह साबित कर दिखाया है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, मजबूत इरादों के आगे हर बाधा छोटी पड़ जाती है। करीब 8 वर्षों से रहिमुन्निशा ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। पति के निधन के बाद चार बच्चों की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। आर्थिक संकट के इस दौर में उन्होंने हार मानने के बजाय आत्मनिर्भर बनने का निर्णय लिया और ई-रिक्शा चलाने का काम शुरू किया।
रहिमुन्निशा बताती हैं कि शुरुआती दौर में उन्हें कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन समाज के लोगों ने उनका हौसला बढ़ाया और सहयोग किया। आज भी उन्हें यात्रियों और स्थानीय लोगों से सम्मान मिलता है, जो उनके आत्मविश्वास को और मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता, जरूरी है कि इंसान मेहनत और ईमानदारी से अपना कार्य करे। उन्होंने महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि वे आत्मनिर्भर बनें और किसी भी परिस्थिति में हिम्मत न हारें। रहिमुन्निशा के चारों बच्चे वर्तमान में स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं। वह चाहती हैं कि उनके बच्चे शिक्षित होकर समाज में एक अच्छी पहचान बनाएं। उनकी यह संघर्षपूर्ण यात्रा न सिर्फ महिलाओं के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो यह संदेश देती है कि दृढ़ निश्चय और मेहनत से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
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