अपनी मांगों को लेकर महिलाओं ने तालाबंदी कर दिया धरना प्रदर्शन, एडीओ आईएसबी के आश्वासन और दो दिन की मोहलत के बाद खुला ताला
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ;एनआरएलएमद्ध नाथनगर कार्यालय पर सोमवार को समूह की कैडर महिलाओं का आक्रोश फूट पड़ा। पचासों की संख्या में महिलाओं ने नारेबाजी करते हुए कार्यालय पर ताला जड़ दियाए और धरने पर बैठ गईं। महिलाओं ने बिना ठोस कारण के दो ब्लॉक मिशन प्रबंधकों ;बीएमएमद्ध के खिलाफ की गई कार्रवाई को गलत बताते हुए उनकी तत्काल वापसीए एक वर्ष से लंबित मानदेय के भुगतान समेत नौ सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। करीब तीन घंटे तक कार्यालय का कामकाज पूरी तरह ठप रहा। सोमवार सुबह करीब दस बजे एनआरएलएम समूह कैडर से जुड़ी संजू देवीए बबिताए सुधा पाण्डेयए ज्ञानमतीए अंकिताए विमलाए पुष्पाए संगीताए उर्मिलाए माया देवीए चंदाए किरणए ममता आदि महिलाएं कार्यालय पहुंचीं। उस समय कार्यालय में अकेले मौजूद बीएमएम रामेन्द्र पाल को बाहर निकलने के लिए कहा गया। जिसके बाद महिलाओं ने कार्यालय का मुख्य द्वार बंद कर ताला लगा दियाए और नारेबाजी करते हुए धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप था कि क्लस्टर ब्लॉक मिशन प्रबंधक निष्कर्ष मिश्र को कार्यमुक्त कर दिया गया है। जबकि बीएमएम ममता यादव को जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
उनका कहना था कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा गंदी राजनीति और बिना किसी ठोस कारण के यह कार्रवाई की गई है। जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। महिलाओं ने मांग किया कि दोनों बीएमएम की तत्काल नाथनगर में वापसी कराई जाए। महिलाओं ने यह भी कहा कि उन्हें पिछले एक वर्ष से मानदेय नहीं मिला है। जिससे आर्थिक संकट गहरा गया है। उन्होंने बकाया मानदेय का तत्काल भुगतान करानेए लाडली बहन चयन प्रक्रिया में अनावश्यक दबाव न बनाए जाने तथा अन्य जायज मांगों को पूरा करने की मांग उठाई। धरनास्थल से महिलाएं नारेबाजी करते हुए बीडीओ कार्यालय पहुंचीं। बीडीओ के अनुपस्थित में एडीओ आईएसबी अभय प्रताप सिंह को नौ सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। एडीओ आईएसबी ने बताया कि यह मामला जिला स्तर से जुड़ा हैए और इसका समाधान भी उच्चाधिकारियों के स्तर पर ही संभव है। हालांकि महिलाओं ने तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए अपना आंदोलन जारी रखा। बात नहीं बनने पर महिलाएं पुनः एनआरएलएम कार्यालय के सामने पहुंचकर धरने पर बैठ गईं। कुछ देर बाद एडीओ आईएसबी अभय प्रताप सिंह स्वयं धरनास्थल पहुंचेए और महिलाओं को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद उन्होंने डीसी एनआरएलएम से टेलीफोन पर वार्ता कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
वार्ता के बाद उन्होंने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि उनकी सभी समस्याओं के समाधान के लिए उच्च स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। तथा दो दिन के भीतर उचित निस्तारण कराया जाएगा। अधिकारियों के इस आश्वासन और दो दिन की मोहलत दिए जाने के बाद महिलाओं ने कार्यालय का ताला खोल दिया। करीब तीन घंटे बाद कार्यालय का कार्य पुनः शुरू हो सका। धरना समाप्त होने के बाद भी महिलाओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निष्कर्ष मिश्र और ममता यादव की नाथनगर में वापसी नहीं की गई तथा उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगी।
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