संतकबीरनगर में 19 करोड़ की जीएसटी चोरी का खुलासा, 50-50 हजार के दो इनामी गिरफ्तार
संतकबीरनगर में 19 करोड़ की जीएसटी चोरी का खुलासा, 50-50 हजार के दो इनामी गिरफ्तार
धनघटा/संतकबीरनगर। करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी और फर्जी बिलिंग के जरिए सरकारी राजस्व को चूना लगाने वाले गिरोह के दो इनामी सदस्यों को संतकबीरनगर पुलिस और एसटीएफ ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने उनके कब्जे से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सौरभ अग्रवाल उर्फ सन्नी निवासी हरिनगर, नई दिल्ली और अजीत कुमार निवासी कैलाशपुरी एक्सटेंशन, साउथ वेस्ट दिल्ली के रूप में हुई है। दोनों को दिल्ली के हरिनगर क्लॉक टावर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक मामला कोतवाली खलीलाबाद में दर्ज जीएसटी चोरी और धोखाधड़ी के मुकदमे से जुड़ा है। राज्य कर विभाग की शिकायत पर दर्ज मुकदमे की जांच में सामने आया था कि कुछ लोगों ने फर्जी फर्मों के जरिए करीब 19 करोड़ रुपये की बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ लिया और सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुंचाया।
-संतकबीरनगर पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई
जांच में पता चला कि गिरोह के सदस्य फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अस्तित्वहीन फर्मों का पंजीकरण कराते थे। इसके बाद इन फर्मों के नाम से फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार कर वास्तविक कंपनियों को उपलब्ध कराए जाते थे। इन दस्तावेजों के आधार पर कंपनियां बिना वास्तविक खरीद-बिक्री के आईटीसी क्लेम कर टैक्स चोरी करती थीं।पुलिस के अनुसार आरोपियों ने व्हाट्सएप ग्रुप और विशेष सॉफ्टवेयर की मदद से पूरे नेटवर्क का संचालन किया। लेन-देन को वास्तविक दिखाने के लिए बैंक खातों में धनराशि भेजी जाती थी और बाद में उसे विभिन्न खातों में स्थानांतरित कर वापस निकाल लिया जाता था। इस मामले में पुलिस फरवरी 2026 में संदीप कुमार और अमन उपाध्याय को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जांच के दौरान आईटी एक्ट और जीएसटी अधिनियम की विभिन्न धाराएं भी बढ़ाई गई थीं। फरार चल रहे सौरभ अग्रवाल और अजीत कुमार पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
-फर्जी फर्म बनाकर तैयार किए जाते थे नकली बिल, दिल्ली से दबोचे गए आरोपी
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने फर्जी फर्मों के पंजीकरण और नकली बिल तैयार कर उन्हें बेचने की बात स्वीकार की है। उनके जरिए कई कंपनियों को फर्जी आईटीसी का लाभ पहुंचाया जाता था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। जल्द ही इस नेटवर्क में शामिल अन्य आरोपियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने बताया कि आर्थिक अपराधों और कर चोरी में शामिल लोगों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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