बिना रॉयल्टी बालू खनन पर डीएम की सख्ती, ओवरलोड वाहनों पर होगी कार्रवाई
वैध पट्टे की आड़ में अवैध परिवहन पर कसेगा शिकंजा, मिर्जापुर-सोनभद्र से आने वाले वाहनों की होगी जांच
बिना रॉयल्टी बालू खनन पर डीएम की सख्ती, ओवरलोड वाहनों पर होगी कार्रवाई
-वैध पट्टे की आड़ में अवैध परिवहन पर कसेगा शिकंजा, मिर्जापुर-सोनभद्र से आने वाले वाहनों की होगी जांच
-नंबर प्लेट ढंककर और तेज गति से चलने वाले वाहनों पर भी कार्रवाई के निर्देश
-बिना रॉयल्टी और कागजात जांचे किसी वाहन को जिले में प्रवेश न देने के डीएम ने दिए निर्देश
गोरखपुर। कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार को बालू खनन एवं परिवहन व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी दीपक मीणा की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में अवैध खनन, बिना रॉयल्टी बालू परिवहन, ओवरलोडिंग और वाहनों के दस्तावेजों की जांच को लेकर डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गोरखपुर जनपद में बिना रॉयल्टी किसी भी हालत में बालू का खनन अथवा परिवहन नहीं चलेगा। वैध पट्टे की आड़ में अवैध तरीके से बालू का परिवहन करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि पट्टाधारकों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखने की जरूरत है। यह सुनिश्चित किया जाए कि पट्टे की अनुमति के अनुसार ही खनन और परिवहन हो। यदि कोई पट्टाधारक वैध खनन की आड़ में अवैध वाहनों का संचालन करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खनन स्थल से लेकर बालू के पड़ाव और गंतव्य तक पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जाए। डीएम ने कहा कि जिन वाहनों पर नंबर प्लेट ढकी हुई है या जानबूझकर वाहन का नंबर छिपाया गया है, ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसी तरह तेज गति से चलने वाले वाहनों और ओवरलोड वाहनों पर भी सख्ती की जाए। उन्होंने कहा कि वाहन की क्षमता से अधिक बालू लादकर चलने की अनुमति किसी भी स्थिति में नहीं दी जाएगी। बैठक में मिर्जापुर और सोनभद्र से आने वाले बालू लदे वाहनों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन जनपदों की ओर से गोरखपुर आने वाले वाहनों की जांच की जाए। वाहन के पास वैध रॉयल्टी है या नहीं, बिल्टी और अन्य कागजात सही हैं या नहीं, इसका सत्यापन किया जाए।
उन्होंने साफ कहा कि बिना रॉयल्टी और जरूरी कागजात की जांच किए किसी भी बालू लदे वाहन को जनपद में प्रवेश नहीं मिलना चाहिए। कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों की ओर से बैठक में बताया गया कि वाहनों की कीमत बढ़ने के कारण कई स्थानों पर ओवरलोड वाहनों के संचालन की स्थिति सामने आती है। इस पर डीएम ने स्पष्ट कर दिया कि वाहन महंगे होने का हवाला देकर ओवरलोडिंग की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि किसी भी हालत में ओवरलोड वाहन जनपद में नहीं चलेंगे। नियमों का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि केवल वाहन को देखकर कार्रवाई न की जाए, बल्कि उसके दस्तावेजों का भी मिलान किया जाए। रॉयल्टी, बिल्टी, जीएसटी बिल और वाहन से संबंधित अन्य कागजात की जांच की जाए। यदि दस्तावेजों में कोई अंतर मिलता है तो उसकी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि वैध रूप से कारोबार करने वाले लोगों को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए, लेकिन कागजात की आड़ में अवैध परिवहन करने वालों के खिलाफ सख्ती बरती जाए। बैठक में कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि बालू पहुंचने वाले स्थानों पर इंट्री रजिस्टर को व्यवस्थित रखा जाए। वाहनों की आवाजाही की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों की मदद ली जाए।
जरूरत पड़ने पर सीसीटीवी फुटेज से वाहनों की इंट्री और निकासी का मिलान किया जाए। साथ ही बालू की खरीद और आपूर्ति से संबंधित जीएसटी बिल भी जांचे जाएं, ताकि पूरे परिवहन की वैधता का सत्यापन किया जा सके। डीएम ने इन व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बालू के पड़ाव स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाए। स्पोर्ट्स स्टेडियम, खजांची और ट्रांसपोर्ट नगर समेत प्रमुख स्थानों पर आने-जाने वाले वाहनों की जांच की जाए। संदिग्ध वाहनों को रोककर उनके रॉयल्टी दस्तावेज और अन्य कागजात का सत्यापन किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर कार्रवाई केवल खनन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। पुलिस, परिवहन और खनन विभाग को आपसी समन्वय के साथ अभियान चलाना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन मार्गों से बालू लदे वाहनों की आवाजाही अधिक है, वहां नियमित जांच की व्यवस्था की जाए। वाहनों की गति, नंबर प्लेट, लोड और दस्तावेजों की जांच लगातार की जाए। उन्होंने कहा कि ओवरलोड वाहन न केवल सरकारी राजस्व को प्रभावित करते हैं, बल्कि सड़कों को नुकसान पहुंचाने और यातायात व्यवस्था प्रभावित करने का भी कारण बनते हैं। ऐसे में ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जांच के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। डीएम ने यह भी कहा कि वैध पट्टाधारकों को नियमों के अनुसार खनन एवं परिवहन करने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए, लेकिन वैध पट्टे की आड़ में किसी भी प्रकार का अवैध खनन या परिवहन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रॉयल्टी की जांच के साथ यह भी सुनिश्चित किया जाए कि जिस मात्रा में बालू का परिवहन किया जा रहा है, वह संबंधित दस्तावेजों से मेल खाता हो। बैठक में अधिकारियों ने जिलाधिकारी को आश्वस्त किया कि रॉयल्टी, ओवरलोडिंग, नंबर प्लेट, बिल्टी, जीएसटी बिल और वाहनों के अन्य दस्तावेजों की जांच को प्रभावी बनाया जाएगा।
जिले में अवैध खनन और बिना रॉयल्टी बालू के परिवहन पर कार्रवाई जारी रखी जाएगी। बैठक में एसपी सिटी निमिष पाटील, एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व जय प्रकाश, एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव, खनन अधिकारी अजीत पांडेय, एआरटीओ अरुण कुमार समेत संबंधित विभागों के अधिकारी, कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि और ट्रक यूनियन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0

