जिस युवती की हत्या का दर्ज था मुकदमा, उसे धनघटा पुलिस ने किया जीवित बरामद
जिस युवती की हत्या का दर्ज था मुकदमा, उसे धनघटा पुलिस ने किया जीवित बरामद
संतकबीरनगर। धनघटा पुलिस नें तथाकथित मृतका को सकुशल जीवित अवस्था में बरामद किया है। थाना धनघटा पुलिस नें मु0अ0सं0 593/2026 धारा 191(2), 352, 351(3), 103(1), 238(बी) बीएनएस से सम्बन्धित तथाकथित मृतका रिंकू पुत्री राजेन्द्र निवासी ग्राम तेजपुर, थाना धनघटा, को लोहरैया चौकी के पास से सकुशल जीवित अवस्था में बरामद किया। पीड़ित विनय उर्फ बबलू कुमार पुत्र राजेन्द्र प्रसाद निवासी तेजपुर थाना धनघटा नें बीते 17 अगस्त 2026 को थाना धनघटा पर प्रार्थना प्रत्र दिया कि विपक्षीगण एक देवेन्द्र राव, चित्रसेन पुत्रगण नागेन्द्र राव, नागेन्द्र राव पुत्र सुरेश, बिन्द्रावती पत्नी नागेन्द्र राव निवासीगण तेजपुर, संतोष पुत्र शिव पसंत निवासी बच्छईपुर थाना धनघटा द्वारा पीड़ित की बहन को मार पीट कर हत्या कर देने के सम्बन्ध में अभियोग पंजीकृत कराया गया।
थाना धनघटा पर प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर विपक्षीगण उपरोक्त के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया। महिला अपराध की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित कार्यवाही करते हुए बीते 29 अक्टूबर 2026 की रात्रि में लोहरैया चौकी के पास से तथाकथित मृतका को सकुशल जीवित अवस्था में बरामद किया। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान रिंकू द्वारा बताया गया कि उसकी शादी 22 नवम्बर 2024 को खजनी निवासी मुंशी प्रसाद से हुई थी।
शादी से पूर्व वह गांव के देवेन्द्र राव पुत्र नागेन्द्र राव से करीब 14 वर्षों से बातचीत करती थी तथा शादी के बाद भी बातचीत जारी रही। देवेन्द्र के कहने पर पति से तलाक लेने के बाद वह मौसी के घर ग्राम रापतपुर भमया रहने लगी। करीब 15 दिन बाद देवेन्द्र उसे अपने घर ले गया, जहां वह लगभग 7 माह रही। इस दौरान देवेन्द्र एवं उसके परिवार द्वारा मारपीट किए जाने तथा जान से मारने की साजिश की बात सुनकर वह रात करीब 3 बजे वहां से भागकर पौली चौराहे पहुंची, जहां से उसके पिता उसे घर ले गए। बाद में उसने देवेन्द्र के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया। करीब एक माह बाद चाचा के घर चपरापूर्वी रहने के दौरान चाची परमिला की पहल पर उसकी सहमति से हरियाणा निवासी ललित राम पुत्र रामकरन से दूसरी शादी हुई। ललित राम उसे हरियाणा ले गया।
करीब 6 माह बाद उसने पिता को फोन कर वापस बुलाने को कहा। लगभग डेढ़ वर्ष बाद पिता उसे हरियाणा से लाकर मौसी के घर छोड़ गए। मुकदमे की जानकारी होने पर वह अपने गांव तेजपुर जा रही थी तभी रास्ते में पुलिस टीम द्वारा उसे बरामद कर लिया गया। गिरफ्तार करने वाले पुलिस टीम में उपनिरीक्षक अवधेश सिंह यादव, सिपाही रामप्रवेश राजभर, अंकित कुमार, मीरा मिश्रा थाना धनघटा व सर्विलांस टीम मौजूद रहे।
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