थाना धनघटा पुलिस की जाँच में झूठी निकली लूट की सूचना
.फर्जी लूट सूचना पर तीन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई .झूठी एवं फर्जी सूचना देने वाले व सहयोग करने वालों पर होगी सख्त कार्यवाही- एसपी
थाना धनघटा पुलिस की जाँच में झूठी निकली लूट की सूचना
.फर्जी लूट सूचना पर तीन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
.झूठी एवं फर्जी सूचना देने वाले व सहयोग करने वालों पर होगी सख्त कार्यवाही- एसपी
संतकबीरनगर। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक थाना धनघटा जयप्रकाश दूबे, निरीक्षक अपराध रामेश्वर यादव, चैकी प्रभारी पौली नंदू गौतम नें पुलिसबल के साथ घटनास्थल पर पहुँचकर घटनास्थल निरीक्षण कर शिकायतकर्ता व उनके रिस्तेदार से पूछताछ करने पर घटना संदिग्ध प्रतीत हुई। शिकायतकर्ता से घटना के सम्बन्ध में पूछताछ किया तो बतायी कि शाम को मै अपने रिश्तेदारी मे ग्राम रोशया बाजार गयी थी वापस आते समय रास्ते मे गाड़ी रोककर ग्राम कोहलवा पिच सड़क पर अज्ञात बदमाशों नें मारपीट कर मंगलसूत्र लूट लिए हैं। घटना संदिग्ध प्रतीत होने पर घटनास्थल पर शिकायकर्ता महिला से पूछ ताछ के दौरान बताया गया कि मैं राघवेन्द्र मिश्रा पुत्र परशुराम मिश्रा ग्राम सुम्हाँ थाना दुधारा का आटो रिजर्व अपने रिश्तेदारी मे ग्राम रोशया बाजार गयी थी वापस आते समय रास्ते मे गाड़ी साइड करने को लेकर आटो चालक व तीन अज्ञात व्यक्तियो के मध्य विवाद हुआ था,
जिन्हे झूठे मुकदमें मे फंसाने के लिये आटो चालक नें मुझसे मंगलसूत्र छीनने की झूठी सूचना दिलाई थी। उक्त सूचना शिकायतकर्ता के रिश्तेदार विशाल पुत्र बेचन प्रसाद ग्रा0 रोशया बाजार थाना धनघटा द्वारा अपने मोबाइल से डायल 112 पर दिया था। झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह करने, अनावश्यक संसाधनों को व्यर्थ लगाने तथा कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने के अपराध में मु0अ0स0 632/2025 धारा 217, 351(3) बीएनएस बनाम राघवेन्द्र मिश्रा पुत्र परशुराम मिश्रा ग्राम सुम्हाँ थाना दुधारा, विशाल पुत्र बेचन प्रसाद ग्रा0 रोशया बाजार थाना धनघटा, शिकायतकर्ता निवासिनी ग्राम मुखलिसपुर थाना महुली के विरुद्ध पंजीकृत किया गया। झूठी सूचना देना न केवल सामाजिक व्यवस्था को बाधित करता है, बल्कि इससे सार्वजनिक संसाधनों का अनावश्यक दुरुपयोग होता है एवं जनमानस में भय या भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है। अतः सभी नागरिकों से आग्रह है कि कोई भी सूचना प्राप्त होने पर उसकी सत्यता की पुष्टि के पश्चात ही पुलिस विभाग अथवा अन्य सम्बन्धित कार्यालय को सूचित करें।
झूठी, भ्रामक अथवा निराधार शिकायत सूचना देने वालों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसकी सजा छह माह से दो वर्ष तक का कारावास एवं पांच हजार रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनो हो सकते हैं। पुलिस विभाग जनसामान्य को आश्वस्त करता है कि शांति, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कृतसंकल्पित है। किसी भी असत्य सूचना को कतई प्रोत्साहित नहीं किया जाएगा।
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