चचेरे भाई ने 14 वर्षीय अवयस्क बहन संग किया दुष्कर्म, हुआ 8 वर्ष का सश्रम कारावास
चचेरे भाई ने 14 वर्षीय अवयस्क बहन संग किया दुष्कर्म, हुआ 8 वर्ष का सश्रम कारावास
-पीड़िता ने कोल्ड ड्रिंक व समोसा में नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म करने का लगाया था आरोप
-पीड़िता के बाप ने आरोपी के पक्ष में किया था गवाही, पाक्सो कोर्ट ने लगाया 7 हजार का अर्थदण्ड
संतकबीरनगर। विधि संवाददाता। चैदह वर्षीय अवयस्क चचेरी बहन के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी भाई को एडीजे एवं विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट कृष्ण कुमार पंचम की कोर्ट ने दोषसिद्ध करार देते हुए आठ वर्ष के सश्रम कारावास का सजा सुनाया। कोर्ट ने आरोपी शब्बीर पर सजा के अतिरिक्त सात हजार रुपए का अर्थदण्ड भी लगाया है। अर्थदण्ड का भुगतान न करने पर आरोपी को तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। कोर्ट ने अर्थदण्ड की सम्पूर्ण सात हजार रुपए की धनराशि पीड़िता को देने का भी फैसला सुनाया है।
पीड़िता ने आरोपी चचेरे भाई पर कोल्ड ड्रिंक व समोसा में नशीला पदार्थ खिलाकर जबरदस्ती दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। हालांकि पीड़िता के बाप ने आरोपी के पक्ष में गवाही किया था। विशेष लोक अभियोजक पाक्सो एक्ट अभिमन्युपाल, सत्येन्द्र शुक्ल व अनिल कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी शब्बीर पुत्र अब्दुल जब्बार गोरखपुर जनपद के सहजनवां थानाक्षेत्र एक गांव का रहने वाला है। प्रकरण में पीड़िता की मां ने दिनांक 14 अप्रैल 2017 को प्रभारी निरीक्षक कोतवाली खलीलाबाद को प्रार्थना पत्र देकर अभियोग पंजीकृत कराया था। उसका आरोप था कि दिनांक 12 अप्रैल 2017 को वह अपनी 14 वर्षीय अवयस्क पुत्री को लेकर खलीलाबाद बाजार करने गई थी।
घर वापस जाने के लिए खलीलाबाद के मेंहदावल बाईपास पर खड़ी थी। वादिनी के सगे जेठ का लड़का शब्बीर मिला और कहा कि पीड़िता को मेरे साइकिल पर बिठा दो, मैं घर छोड़ दूंगा। पुत्री को ले जा करके रास्ते में कुछ नशीला पदार्थ खिलाकर मगहर के पास बाग में जबरदस्ती दुष्कर्म किया और घर पर छोड़ दिया। प्रार्थिनी जब घर पंहुची तो पुत्री ने घटना के बारे में बताया। दूसरे दिन आरोपी से पूछा तो गाली देते हुए जान से मारने की धमकी दिया। पुलिस ने विवेचना के उपरांत आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। विशेष लोक अभियोजक पाक्सो एक्ट अभिमन्यु पाल ने बताया कि अभियोजन की तरफ से कुल 6 साक्षी तथा आरोपी की तरफ से दो साक्षी न्यायालय में प्रस्तुत किए गए।
पीड़िता ने कथन किया कि आरोपी शब्बीर समोसा व कोल्ड ड्रिंक लेकर आया और पिलाया। पीड़िता को चक्कर आने लगा। आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया और घर छोड़ दिया। जबकि पीड़िता के बाप ने आरोपी के तरफ से गवाही किया। उसने पुत्री के बालिग व शादीशुदा होने के साथ एक बच्चा भी होने का बयान दिया तथा घटना को फर्जी बताया। एडीजे व विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट कृष्ण कुमार पंचम की कोर्ट ने पक्षों की बहस सुनने के पश्चात आरोपी शब्बीर को पाक्सो एक्ट के आरोप में दोषसिद्ध करार दिया।
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