आबादी भूमि व रास्ते को लेकर विवादए जांच में जुटा तहसील प्रशासन’
अधिवक्ताओं ने थाने के सामने किया प्रदर्शन विधायक पर लगाया आरोप
-आबादी भूमि व रास्ते को लेकर विवादए जांच में जुटा तहसील प्रशासन’
धनघटा/संतकबीरनगर।’ जनपद के थाना धनघटा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मलौली में आबादी की जमीन और रास्ते को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। एक पक्ष ने थाने पर तहरीर देकर पड़ोसियों पर दबंगई करते हुए जमीन से नाली का पानी निकालने और सहन से रास्ता बनाने का आरोप लगाया हैए जबकि दूसरे पक्ष ने आरोपों को निराधार बताते हुए इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश करार दिया है। फिलहाल तहसील प्रशासन मामले की जांच में जुटा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम मलौली निवासी कटेश्वर प्रसाद पुत्र पौहारी शरण चतुर्वेदी ने थाना धनघटा में दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि उनके घर के पश्चिम स्थित आबादी की भूमि को सुरेश चंद्र पुत्र राम मूरत व उनकी पत्नी फूलमती ने बैनामा कराया है। तहरीर के अनुसार उक्त भूमि का बड़ा गेट सड़क की ओर दक्षिण दिशा में है और उन्हें आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा नहीं है। इसके बावजूद आरोप है कि वे प्रार्थी की जमीन से गंदे नाले का पानी निकाल रहे हैं तथा सहन के हिस्से से रास्ता बनाने का प्रयास कर रहे हैं। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि विपक्षी पक्ष के पुत्र वर्तमान में क्षेत्रीय विधायक हैंए जिसके कारण सत्ता का दुरुपयोग कर दबाव बनाया जा रहा है। पीड़ित पक्ष दर्जनभर अधिवक्ताओं के साथ थाने पहुंचा और प्रभारी निरीक्षक दिलीप सिंह को शिकायती पत्र सौंपा। शिकायत में निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है। इस संबंध में जब प्रभारी निरीक्षक धनघटा दिलीप सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि प्रकरण संज्ञान में है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है कि मामला किसी विधायक से जुड़ा हुआ है। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया यह भूमि व रास्ते से संबंधित विवाद प्रतीत होता हैए जिसकी जांच राजस्व विभाग के स्तर से भी की जानी आवश्यक है। पुलिस ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उधर क्षेत्रीय विधायक गणेश चैहान से संपर्क करने पर उन्होंने आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनकी बढ़ती लोकप्रियता से हताश होकर उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। विधायक के अनुसार वह इस समय लखनऊ स्थित सदन में हैं और पूरे मामले की जांच तहसील प्रशासन द्वारा कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जब भूमि का बैनामा हुआ थाए तब अभिलेखों में रास्ता दर्ज है। उनके मुताबिक कुछ लोग अनावश्यक रूप से प्रकरण को राजनीतिक रंग दे रहे हैं। बैनामा करता सच्चिदानंद की पत्नी उषा देवी ने तहसीलदार को बयान हल्फी दिया है की जमीन में रास्ता है विधायक ने यह भी कहा कि यदि किसी को आपत्ति है तो वह सक्षम न्यायालय या प्रशासनिक स्तर पर अपनी बात रख सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि जांच के बाद श्दूध का दूध और पानी का पानी् हो जाएगा और सत्य स्वयं सामने आ जाएगा। स्थानीय सूत्रों के अनुसार मामला आबादी भूमि की सीमांकन और निकास व्यवस्था से जुड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी स्थितियों में अक्सर सीमांकन स्पष्ट न होने के कारण विवाद उत्पन्न हो जाते हैं। राजस्व अभिलेखोंए बैनामे की शर्तों और मौके की वास्तविक स्थिति के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस व तहसील प्रशासन द्वारा तथ्यों का परीक्षण किया जा रहा है। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं तथा अभिलेखों की जांच की जा रही है। प्रशासन ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। तब तक किसी भी प्रकार के निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। इस बारे में पूछे जाने पर उप जिलाधिकारी दनादन डॉक्टर सुनील कुमार ने बताया कि मैं वीसी में हूं अधिवक्ताओं का प्रदर्शन की जानकारी नहीं है मामले की जांच चल रही है।
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