तीन मासूमों के सर से उठा पिता का साया, बच्चों और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल
तीन मासूमों के सर से उठा पिता का साया, बच्चों और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल
- महुली कस्बा के उत्तर चैराहे के निकट हुई दुर्घटना के बाद इलाज के दौरान हुई थी मौत
- महुली थाना क्षेत्र के स्थानीय कस्बा महुली निवासी थे मृतक बलराम तिवारी
नाथनगर/संतकबीरनगर। महुली थाना क्षेत्र के नगुआ गांव के मूल निवासी व स्थानीय कस्बा महुली के रह रहे बलराम तिवारी की शुक्रवार को हुई मार्ग दुर्घटना में मौत हो गई। मौत की सूचना पर जहां महुली कस्बा में कोहराम मच गया। वहीं नगुआ गांव में भी शोक की लहर है। नाबालिग बच्चों के सर से जहां पिता रूपी छत्रछाया हट गया। वहीं पत्नी का सुहाग उजड़ गया। नाबालिग बच्चों की शिक्षा और भरण पोषण कैसे होगा। यह यक्ष प्रश्न वहां मौजूद हर एक के जुबा पर तैर रहा था। नगुआ गांव के मूल निवासी और महुली कस्बा में रह रहे मृतक बलराम तिवारी के तीन बच्चे हैं। बड़ा बेटा आर्यन 15 बर्ष, छोटा बेटा रूद्र 10 बर्ष और बेटी पावनी 13 बर्ष की है। शुक्रवार को महुली कस्बा के उत्तर चैराहे के पास हुई दुर्घटना में बलराम तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें पहले सीएचसी नाथनगर फिर जिला अस्पताल उसके बाद मेडिकल कॉलेज गोरखपुर ले जाया गया। लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनकी मौत से बच्चों के सर से पिता का साया उठ गया। वहीं उनकी 42 वर्षीय पत्नी सरिता की दुनिया ही उजड़ गयी। अबोध बच्चों और उनकी पत्नी की चित्कार वहां मौजूद हर व्यक्ति को द्रवित कर दें रही थी। मृतक की पत्नी सरिता इस विपत्ति को सहन नहीं कर पा रही थी। वह बार-बार बेहोश हो जा रही थी। इस हृदय विदारक घटना देख हर आखें नम दिख रही थी। जाने वाला तो चला गया। लेकिन अपने पीछे अपने मासूम बच्चों और पत्नी को आजीवन रोने के लिए छोड़ गया। इन मासूमों और उनकी पत्नी का भरण पोषण व बच्चों की पढ़ाई लिखाई शादी ब्याह कैसे होगा। यह किसी के समझ में नहीं आ रहा है। लोग बच्चों और उनकी पत्नी को लेकर चिंतित नजर आ रहे थे।
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