ठंड के मौसम में सावधान रहे हड्डी रोग के मरीज
ठंड के मौसम में सावधान रहे हड्डी रोग के मरीज- डा0 एल सी यादव
-संयुक्त जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डाक्टर एल सी यादव से खास बात चीत का अंश
-सैकड़ो मरीजो का बेहतर इलाज कर चर्चा में रहते है हड्डी रोग विशेषज्ञ
संतकबीरनगर। ठंड के मौसम में हड्डी एवं नस रोग के मरीजो को विशेष रूप से सावधानी की जरूरत होती है। इसके साथ ही खान पान पर विशेष ध्यान देना पड़ता है। आधुनिक जीवन शैली एवं खान पान में लापरवाही के कारण शरीर की हड्डिया कमजोर पड़ने लगती है। उक्त बाते संयुक्त जिला अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डा0 एल सी यादव ने मरीजो के हित में महत्वपूर्ण जानकारिया दी है।
डा0 यादव ने बताया कि ठंड के मौसम में हड्डिया में अक्सर दर्द होने लगता है। इसके कई कारण हो सकते है। मांस पेशियो में खचाव के कारण दर्द होने लगते है। कभी भी झटके से कोई काम नही करना चाहिए। इससे मांस पेशियो में खचाव हो जाता है। तथा दर्द होने लगता है। ठंड के मौसम में गुनगुने पानी से स्नान करें और हाथ पैर धोये तो अच्छा रहेगा। एैसा करने से हड्डियो में दर्द नही होगा।
उन्होने लोगो को सावधान किया की कोहरे समय आने वाला है तेज रफ्तार से गाड़िया का परिचालन न करे। डा0 यादव ने बताया कि अनावश्यक घर से बाहर न निकले तथा खान पान सही रखे। दूध, दही मछली के सेवन से हड्डियो को पैष्टिक मिलता है। जिससे हड्डी मजबूत होता है। डा0 यादव ने बताया धूप में विटामिन डी होता है। हल्के कपड़े पहन कर आधा घण्टा प्रतिदिन धूप में रहे तो हड्डियो को विटामिन डी की कुछ पूर्ति हो जाती है। उन्होने ने लोगो को नियमित व्यायामक करने की सलाह के साथ ही खान पान में सुधार कर जीवन को स्वस्थ्य बनाने तथा हड्डियो को सुरक्षित रखने की बात कही। हालांकि ठंड के मौसम में शरीर में दर्द हो तो व्यायाम नही करना चाहिए। जानकारी के अभाव में दर्द में लोग कसरत शुरू कर देते है। जब कि इससे नुकसान होता है।
डा0 एल सी यादव ने बच्चो के बारे में बताया कि मैदान में खेलने से शरीर तथा हड्डिया मजबूत होती है। फुटबाल, दौड़ कबड्डी या कई एैसे खेल है जिसको खेलने से शरीर मजबूत होती है। उन्होने कहा कि दूध का नियमित सेवन करना चाहिए तथा विटामिन बी कम्पलेन्स के लिए हरी पत्तेदार सब्जिया अवश्व खानी चाहिए। इसके अलावा मछली से भी पौष्टिक को पूरा किया जा सकता है।
उन्होने कहा कि सिर में लगी चोट को कभी हल्के में नही लेना चाहिए। इसका इलाज अवश्य कराना चाहिए रीढ़ की तरफ हमेशा ध्यान देना चाहिए।
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