सड़क पर एक भी मौत बर्दास्त नही - योगी

Dec 22, 2025 - 06:04
सड़क पर एक भी मौत बर्दास्त नही - योगी

सड़क पर एक भी मौत बर्दाश्त नहीं” — कोहरे में ज़ीरो टॉलरेंस का फरमान, मुख्यमंत्री योगी ने अफसरों को कसे शिकंजा

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कोहरे और ठंड में सड़कें नहीं बनेंगी मौत का कारण, ब्लैक स्पॉट से लेकर नशे में ड्राइविंग तक सख्त कार्रवाई के निर्देश

गोरखपुर/लखनऊ।

प्रदेश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर निर्णायक प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ शब्दों में कहा है कि “सड़क हादसों में एक भी मौत स्वीकार्य नहीं है”। लखनऊ स्थित पांच कालिदास मार्ग से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेशभर के मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कोहरे के मौसम में ज़ीरो टॉलरेंस नीति लागू करने का कड़ा आदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि ठंड और कोहरे के दौरान जरा-सी लापरवाही भी जानलेवा साबित होती है, इसलिए हाईवे, स्टेट रोड और शहरी सड़कों पर चौबीसों घंटे विशेष निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी चिन्हित ब्लैक स्पॉट का दोबारा सर्वे कर वहां रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड, रोड मार्किंग, क्रैश बैरियर, स्टड लाइट और स्पीड कंट्रोल के उपाय युद्धस्तर पर पूरे किए जाएं।

गोरखपुर मंडलायुक्त सभागार में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मंडलायुक्त अनिल ढींगरा, आईजी एस. चनप्पा, जिलाधिकारी दीपक मीणा, एसएसपी राजकरन नय्यर समेत प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, विकास प्राधिकरण और स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने खास तौर पर रात में सड़कों पर खड़े भारी वाहनों को हादसों की बड़ी वजह बताया और कहा कि अनियंत्रित पार्किंग पर सख्ती से रोक लगाई जाए। साथ ही नशे में वाहन चलाने, ओवरस्पीडिंग, रॉन्ग साइड ड्राइविंग, बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट के मामलों में तत्काल चालान और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

आंकड़ों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयासों का असर दिख रहा है, लेकिन संतोष का कोई स्थान नहीं है। उन्होंने बताया कि जहां 2020 में सड़क दुर्घटनाओं में 19,149 लोगों की मौत हुई थी, वहीं 2024 में यह संख्या 24,118 रही, हालांकि दुर्घटनाओं की वृद्धि दर में उल्लेखनीय गिरावट आई है। यह संकेत है कि सख्ती और निगरानी से हालात बदले जा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस या परिवहन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रशासन, नगर निकाय, लोक निर्माण, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग—सभी को मिलकर जवाबदेही निभानी होगी। दुर्घटना की स्थिति में गोल्डन ऑवर में इलाज सुनिश्चित करने के लिए एंबुलेंस, ट्रॉमा सेंटर और अस्पतालों को पूरी तरह अलर्ट मोड में रखने के निर्देश दिए गए।

अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को चेताया कि हर जिले में सड़क सुरक्षा की मासिक समीक्षा हो, स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम चलें और लापरवाही पर जिम्मेदारी तय हो। उन्होंने कहा—

“हर हादसा रोका जा सकता है, हर जान अनमोल है—अब किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं चलेगी।”

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