मगहर महोत्सव में लोक गीत नीतू कश्यप के भक्ति गीतों से माहौल भक्तिमय
लोक गीत गायिका वन्दना मिश्रा के भक्ति गीतों से माहौल भक्तिमय
मगहर/संतकबीरनगर। मगहर महोत्सव के अंतिम दिन डोमवर को अयोध्या से आई लोक गीत गायिका वंदना मिश्रा ने अपने गीत की शुरुआत निर्गुण गीत से की। जिसके बोल थे साधू ऐसा चाहिए जैसा सूप सुभायश् कबीर दोहों से शुरुआत की। इसके बाद शक्ति गीत मन को दीपक बनाके बाती जला दी है शिव नाम की और श्शिव नाम का डंका बाज रहा बोल बम बम बम लहरी और रामा रामा रटते रटते बीती रे उमरिया जैसे भक्ति गीतों की प्रस्तुति से माहौल को भक्तिमय कर दिया। कार्यक्रम का संचालन स्वीटी सिंह के द्वारा किया गया। इस मौके पर शिव कुमार गुप्त,रमेश चंद यादव,मेहदी हसन आदि मौजूद रहे।
नीतू कश्यप ने लोक गीतों से बांधा समा
मगहर/संतकबीरनगर। मगहर महोत्सव के अंतिम दिन सोमवार को गायिका नीतू कश्यप ने श्प्रेम प्रभु जी के दीहल सौगात हश् भक्ति गीत से शुरुआत की। जिसके बाद भोजपूरी लोकगीत हम ना रहब ऐ सैंय्या पर लोग थिरकने लगे। भोजपूरी पारम्परिक युगल गीत के समापन हुआ। इसके बाद भोजपुरी गीत,,तोरा से राजी न रे बलमुआ,,तोरा से राजी न,,,सुनाया तो श्रोताओं ने ताली बजाकर अभिवादन किया।
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