नाराज वकीलों ने किया खलीलाबाद मेंहदावल मार्ग जाम, एडीएम न्यायिक को सौंपा मांग पत्र
नाराज वकीलों ने किया खलीलाबाद मेंहदावल मार्ग जाम, एडीएम न्यायिक को सौंपा मांग पत्र
नाराज वकीलों ने किया खलीलाबाद मेंहदावल मार्ग जाम, एडीएम न्यायिक को सौंपा मांग पत्र
-आरोपी टोल कर्मियों के विरुद्ध रासुका लगाने की मांग को लेकर सड़क पर उतर किया जोरदार प्रदर्शन, नारेबाजी
-बाराबंकी के हैदरगढ़ टोल पर अधिवक्ता के साथ हुए मारपीट का मामला
संतकबीरनगर। विधि संवाददाता। हाईकोर्ट के अधिवक्ता रत्नेश शुक्ल के साथ बाराबंकी जनपद के हैदरगढ़ टोल प्लाजा पर मारपीट करने के आरोपी कर्मियों के विरुद्ध रासुका लगाने की मांग को लेकर जिले के अधिवक्ताओं ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। जिले के अधिवक्ता दीवानी न्यायालय परिसर से नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पर पंहुचे। कलेक्ट्रेट पर ज्ञापन लेने के लिए कोई जिला स्तरीय अधिकारी न होने पर अधिवक्ता नाराज हो गए और कलेक्ट्रेट पर शासन प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी करने लगे। आक्रोशित अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट के सामने खलीलाबाद मेंहदावल मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। एडीएम न्यायिक चन्द्रकेश सिंह ने जाम स्थल पर अधिवक्ताओं से वार्ता किया। अधिवक्ताओं ने केन्द्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी व मुख्यमंत्री को सम्बोधित सात सूत्रीय ज्ञापन एडीएम न्यायिक को सौंपा। तत्पश्चात आधा घंटे बाद जाम समाप्त हुआ। शनिवार को कचहरी पंहुचते ही सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ईश्वर प्रसाद पाठक व महामंत्री निरंजन सिंह व जनपद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष चौधरी व महामंत्री राम अवतार यादव के नेतृत्व में अधिवक्ता दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता चौम्बर में एकत्र हुए और हैदरगढ़ के टोल की घटना की तीव्र भर्त्सना किया। इसके पश्चात अधिवक्ताओं ने दीवानी न्यायालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। अधिवक्ता आरोपी टोल कर्मियों के विरुद्ध रासुका लगाने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारी अधिवक्ता कांशीराम स्टेडियम, विकास भवन, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, महिला थाना होते कलेक्ट्रेट पंहुचे। कलेक्ट्रेट पर ज्ञापन लेने के लिए कोई जिला स्तरीय अधिकारी के न होने से अधिवक्ता नाराज हो गए।
अधिवक्ताओं ने आधे घंटे का अल्टीमेटम दिया। किसी अधिकारी के न आने पर अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर शासन व प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। इसके बाद आक्रोशित अधिवक्ताओं ने खलीलाबाद मेंहदावल मुख्य सड़क जाम कर दिया। जाम की सूचना पर एसडीएम अरुण कुमार व सीओ खलीलाबाद आए। अधिवक्ताओं को मनाने का प्रयास किया। परन्तु असफल रहे। अपर जिलाधिकारी न्यायिक चन्द्रकेश सिंह जाम स्थल पर आए और अधिवक्ताओं से वार्ता करके ज्ञापन लिया। तत्पश्चात आधे घंटे बाद जाम समाप्त हुआ। प्रदर्शन में कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रविन्द्र नाथ पांडेय उर्फ विप्र जी, सिविल बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सरफराज नवाज आलम, जनपद बार के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रमोद कुमार पाण्डेय, पूर्व अध्यक्ष महीप बहादुर पाल, पूर्व अध्यक्ष नवनीत कुमार पाण्डेय, पूर्व महामंत्री राकेश जी मिश्र, राणा रविन्द्र सिंह, चतुर जी शुक्ल, शत्रुघ्न यादव, सुनील कुमार पांडेय, ओम प्रकाश त्रिपाठी, दिनेश चन्द्र राय, प्रदीप पांडेय, केसी पाण्डेय, अजय कुमार सिंह, विजय यादव, राजेश मिश्र मुन्ना , प्रमोद कुमार यादव, सिद्धार्थ पांडेय, दिवाकर विक्रम सिंह, केसी त्रिपाठी, अरुण कुमार श्रीवास्तव, त्रयम्बक त्रिपाठी, सरोज बाला पांडेय, राकेश पाठक, रंजू यादव, चन्द्रकला चौधरी, सुशान्त मिश्र, वीरेन्द्र कुमार सिंह, शैलेन्द्र त्रिपाठी, स्वामीनाथ त्रिपाठी, रवि कुमार मिश्र, सभाजीत मिश्र, सुधीर कुमार श्रीवास्तव, कोमल चौधरी, नरेन्द्र कुमार पाठक, मिलन चौधरी, ओंकारनाथ चौरसिया, योगेन्द्र यादव, नीतिश कुमार मिश्र, बालेन्दु यादव, मिर्जा मोहम्मद अब्बास, आनन्दवीर मिश्र, मोहम्मद शकील, समेत अन्य अधिवक्ता शामिल रहे।
न्यायधीशों की तरह अधिवक्ताओं को भी मिले टोल फ्री सेवा
संतकबीरनगर। केन्द्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी व मुख्यमंत्री को सम्बोधित सात सूत्रीय ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने कहा है कि टोल कर्मियों द्वारा आए दिन दुर्व्यवहार किया जाता है। इसका स्थाई व सरल समाधान होना चाहिए। अधिवक्ताओं ने ज्ञापन में हैदरगढ़ के टोल प्लाजा के आरोपी कर्मियों के विरुद्ध रासुका लगाने की मांग की है। इसके साथ ही न्यायधीशों की तरह अधिवक्ताओं को भी टोल फ्री सुविधा प्राप्त होनी चाहिए, क्योंकि अधिवक्ता भी आफिसर आफ द कोर्ट होता है। टोल के अनुबंध पत्र में सुरक्षा के नियम लागू हो। जिससे इसका उल्लंघन होने पर टोल स्वामी से पचास लाख या एक करोड़ रुपए क्षतिपूर्ति वसूल किया जा सके। राज्य स्तर पर टोल समिति का गठन करके जनपद में स्थित टोल समिति में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष व मंत्री को पदेन सदस्य बनाया जाए। टोल प्लाजा पर पुलिस चौकी व सीसीटीवी कैमरे लगवाएं जाएं, फास्ट टैग भुगतान न होने पर डिजिटल भुगतान की व्यवस्था लागू करने के साथ ही अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम अतिशीघ्र लागू किया जाए।
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