संतकबीरनगर में प्रशस्त एप 2.0 से मानसिक और शारीरिक दिव्यांग बच्चों की होगी पहचान
संतकबीरनगर में प्रशस्त एप 2.0 से मानसिक और शारीरिक दिव्यांग बच्चों की होगी पहचान
संतकबीरनगर में प्रशस्त एप 2.0 से मानसिक और शारीरिक दिव्यांग बच्चों की होगी पहचान
मेंहदावल/संतकबीरनगर। मानसिक और शारीरिक रूप से दिव्यांग बच्चों का पता लगाने के लिए एससीईआरटी ने 40 प्रश्नों का एक प्रशस्त एप 2.0 (चेक लिस्ट) तैयार किया गया है। राष्ट्रीय ष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की ओर से तैयार किए गए एप के माध्यम से शिक्षक यह पता लगा सकेंगे कि कक्षा में पढ़ रहा विद्यार्थी दिव्यांग है या नहीं। बुधवार को बेलहर क्षेत्र में लोहरौली ठकुराई, सांथा के उच्च प्राथमिक विद्यालय करमां कला और क्षेत्र के भैंसा माफी के विद्यालयों पर चल रहे निरीक्षण के क्रम में बीईओ ज्ञानचंद्र मिश्र ने बताया कि अभी तक स्पेशल योग्यता वाले शिक्षक ही विद्यार्थी की काउंसिलिंग कर दिव्यांग का पता लगा पाते थे। अभी तक ऐसे विद्यार्थियों को पकड़ पाना मुश्किल होता था। इससे वह पढ़ाई और अन्य गतिविधियों में पिछड़ जाते थे।
इससे उन्हें मानसिक यातनाएं भी सहनी पड़ती हैं। इसके कारण विद्यार्थी गुस्सैल व सुनपन जैसी शिकायतों का शिकार हो जाते हैं। बताया जा रहा है कि चेक लिस्ट के माध्यम से ऐसे विद्यार्थियों की पहचान कर उनका प्राथमिक उपचार किया जा सकता है। प्रशस्त एप 2.0 (चेक लिस्ट) को तीन चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में विद्यार्थियों को पढ़ाने वाले शिक्षक नजर रखेंगे, जो चेक लिस्ट की मदद से प्राथमिक चरण में विद्यार्थी की दिव्यांगता की पहचान करेगा। दूसरे चरण में इसे स्कूल के प्राचार्य को भेजा जाएगा। इसकी समीक्षा करने के बाद बीआरसी के पास भेजा जाएगा। वह अपने स्तर पर समीक्षा कर बच्चे की रिपोर्ट तैयार कर विशेषज्ञ के पास भेजेंगे। इसके आधार पर विशेषज्ञ योग्यता के पहचान करने वाले शिक्षक के पास भेजा जाएगा, जो विद्यार्थियों की स्क्रीनिंग कर उनका काउंसिलिंग करेंगे। इस अवसर पर अजय कुमार सिंह, रविंद्र नाथ त्रिपाठी, यतींद्रनाथ समेत कई मौजूद भी रहे।
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