राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर हिंदू सम्मेलन का हुआ आयोजन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर हिंदू सम्मेलन का हुआ आयोजन
संतकबीरनगर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में समय माता नगर स्थित केशवदृमाधव बस्ती का हिंदू सम्मेलन कूड़ी लाल रूंगटा सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, बिधियानी में भव्य रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों, मातृशक्ति एवं स्वयंसेवकों की सहभागिता रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक आचार्य धरणीधर महाराज ने की, जबकि मातृशक्ति की अध्यक्षता डॉ. सोनी द्वारा की गई। मुख्य वक्ता के रूप में बस्ती विभाग के विभाग प्रचारक श्री ऋषि दीप जी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अध्यक्ष आचार्य धरणीधर जी महाराज जी महाराज ने कहा कि यदि शिक्षा व्यवस्था संस्कार और धर्मबोध से युक्त नहीं होगी, तो भविष्य सुरक्षित नहीं रह सकता। उन्होंने संस्कारयुक्त शिक्षा को समाज और राष्ट्र के सुदृढ़ भविष्य की आधारशिला बताया। अपने ओजस्वी उद्बोधन में उन्होंने संघ के पंच परिवर्तन के पाँचों बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला और कहा कि पंच परिवर्तन के माध्यम से ही राष्ट्रीय पुनरुत्थान संभव है।
मुख्य वक्ता ने स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर उनके जीवन-दर्शन को स्मरण करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद जन्म से नहीं, बल्कि माता से मिले संस्कारों से बने। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे संस्कारयुक्त जीवन अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनें। मंच पर मातृशक्ति का प्रतिनिधित्व करते हुए डॉ. सोनी सिंह जी ने कहा कि हिंदू समाज को संगठित करने के लिए सामाजिक समरसता आवश्यक है तथा छुआछूत जैसी कुरीतियों का पूर्णतः उन्मूलन किया जाना चाहिए। अंत में मंचासीन अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन भास्कर मणि त्रिपाठी जी द्वारा किया गया। इस अवसर पर सरस्वती विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य श्री रमेश राय जी, जिला कार्यवाह श्री सौरभ जी, जिला प्रचारक श्री धीरज जी तथा जिला प्रचार प्रमुख दिग्विजय नारायण शुक्ला आशीष पाठक, माधवेन्द्र त्रिपाठी, सहित अनेक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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