भागवत कथा श्रवण से पितरों को मिलती है शांति- डॉ. धरणीधर
भागवत कथा श्रवण से पितरों को मिलती है शांति- डॉ. धरणीधर
संतकबीरनगर। विकास खंड बघौली के अंतर्गत उतरावल में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के विश्राम दिवस पर डॉ.धरणीधर जी महाराज ने श्रद्धालुओं को भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का मर्म समझाया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का अंतिम दिवस वह पावन अवसर है, जब पूरी कथा श्रवण के बाद राजा परीक्षित को मोक्ष की प्राप्ति हुई थी। महाराज ने कहा कि तक्षक नाग के डसने से पूर्व ही राजा परीक्षित को ज्ञान और मोक्ष प्राप्त हो चुका था।
उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति भक्ति और पूर्ण समर्पण भाव से भगवान की कथा सुनता है, उसे भगवान सद्गति एवं मोक्ष प्रदान करते हैं। डॉ.धरणीधर जी महाराज ने कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की निष्काम मित्रता का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि उनकी मित्रता पूरी तरह निस्वार्थ थी। भगवान केवल भक्त के भाव के भूखे होते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान अपने भक्तों की परीक्षा अवश्य लेते हैं लेकिन जो भक्त उसमें खरा उतरता है, उसे अपनी शरण में स्थान प्रदान करते हैं। कथा व्यास ने सातों दिनों की कथा का सार प्रस्तुत करते हुए कहा कि संपूर्ण भागवत कथा ज्ञान, भक्ति और वैराग्य की महानता का संदेश देती है।
इस अवसर पर मुख्य यजमान राधेश्याम राय शशिकला राय मधुसूदन राय रमेश राय अनिरुद्ध राय रामजीत राय उजागिर राय सुरेंद्रनाथ राय बैजनाथ राय भाजपा नेता सचिन राय आनंद राय रविन्द्र सिंह फूलचंद राय शेषनाग पाण्डेय रामबुझारत राय मनीष पाण्डेय प्रवीण पाण्डेय सुनील राय समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
