धनघटा में आग से सुरक्षा बड़ी चुनौती, 4500 लीटर की एक दमकल गाड़ी पर निर्भर,पानी भरने की व्यवस्था नहीं
अपर्याप्त संसाधनों के भरोसे किसानों की फसल, धनघटा में आग से सुरक्षा बड़ी चुनौती
-4500 लीटर की एकमात्र दमकल गाड़ी पर निर्भरता, पानी भरने की व्यवस्था नहीं; कई स्थानों पर आग लगने पर बढ़ जाता है खतरा
धनघटा/संतकबीरनगर। अप्रैल माह की शुरुआत के साथ ही क्षेत्र में गेहूं की फसल पूरी तरह पक चुकी है। जहां एक ओर किसानों के चेहरे पर मेहनत की खुशी झलक रही है, वहीं दूसरी ओर फसल को आग से बचाने की चिंता भी उन्हें सता रही है। हर वर्ष की तरह इस बार भी आग लगने की घटनाओं अपर्याप्त संसाधनों के भरोसे किसानों की फसल, धनघटा में आग से सुरक्षा बड़ी चुनौती है। विभागीय जानकारी के अनुसार खलीलाबाद में 5000 लीटर क्षमता की एक गाड़ी उपलब्ध है, मेहदावल में 2500 लीटर की एक गाड़ी तैनात है। दुधारा थाना क्षेत्र में 700 लीटर की छोटी गाड़ी मौजूद है जबकि एक दमकल गाड़ी एक महीने के लिए बलरामपुर मेला ड्यूटी मे भेजी गई है इन सीमित संसाधनों के चलते धनघटा क्षेत्र में प्रभावी अग्निशमन व्यवस्था नहीं बन पा रही है। धनघटा में दमकल गाड़ियों के लिए कोई स्थायी जल स्रोत या टंकी नहीं है। ऐसे में अग्निशमन कर्मियों को किसानों के निजी पंपसेट पर निर्भर रहना पड़ता है। इससे आग बुझाने में देरी होती है और नुकसान कई गुना बढ़ जाता है। समय पर दमकल न पहुंचने से किसानों में भारी आक्रोश देखा जाता है। कई घटनाओं में नाराज किसानों द्वारा तोड़फोड़ भी की गई है, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने का खतरा उत्पन्न हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल यही समस्या दोहराई जाती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर पर्याप्त दमकल गाड़ियां तैनात की जाएं पानी भरने के लिए स्थायी टैंक या हाइड्रेंट की व्यवस्था हो फसल कटाई के मौसम में विशेष अग्निशमन अभियान चलाया जाए।
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