किशोरी के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी का जमानत
दुष्कर्म करने के आरोपी का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त
संतकबीरनगर। विधि संवाददाता। शादी का प्रलोभन देकर चेन्नई ले जा करके दलित अवयस्क किशोरी के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी का जमानत प्रार्थना पत्र एडीजे एवं विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट कृष्ण कुमार पंचम की कोर्ट ने सुनवाई के पश्चात निरस्त कर दिया। आरोपी अरशद पर 16 वर्षीय अवयस्क दलित बालिका को बहला-फुसलाकर अपहरण व दुष्कर्म करने का आरोप लगाया गया है।
प्रकरण में पहले बहला-फुसलाकर अपहरण करने व दलित एक्ट का अभियोग पंजीकृत हुआ था। मामला जिले के धनघटा थानाक्षेत्र के एक गांव का है। विशेष लोक अभियोजक पाक्सो एक्ट अभिमन्युपाल, अनिल कुमार सिंह व सत्येन्द्र शुक्ल ने बताया कि प्रकरण में पीड़िता की मां ने अभियोग पंजीकृत कराया है।
उसका आरोप है कि वह अनुसूचित जाति की चमार है। उसकी 16 वर्षीय अवयस्क पुत्री को 8 अगस्त 2025 को शाम लगभग साढ़े पांच बजे गांव का अरशद पुत्र सगीर शादी का प्रलोभन देकर भगा ले गया। प्रकरण में पहले अपहरण व दलित एक्ट का अभियोग पंजीकृत हुआ। विवेचना के उपरांत दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट की धारा की बढ़ोत्तरी की गई।
विशेष लोक अभियोजक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि पीड़िता ने अपने बयान में कथन किया है कि आरोपी उसे अपने जीजा के पास चेन्नई ले जा करके शारीरिक संबंध बनाया। एडीजे व विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट कृष्ण कुमार पंचम की कोर्ट ने सुनवाई के पश्चात आरोपी का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।
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