माहे रमजान के दूसरे दिन जुमे की नमाज में उमड़ा जनसैलाब
माहे रमजान के दूसरे दिन जुमे की नमाज में उमड़ा जनसैलाब
-चैराहों और बाजारों में अफ्तारी की खरीदारी से बढ़ी रौनक
सेमरियावां/संतकबीरनगर। जिले के सेमरियावां-दुधारा क्षेत्र में माहे रमजान के दूसरे दिन पड़ने वाले जुमे की नमाज अकीदत और जोशो-खरोश के साथ अदा की गई। क्षेत्र की छोटी-बड़ी मस्जिदें रोजेदार नमाजियों से खचाखच भरी रहीं। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की बड़ी तादाद में मौजूदगी ने माहौल को रूहानी बना दिया। नमाज के बाद मुल्क में अमन, तरक्की और खुशहाली के लिए सामूहिक दुआएं मांगी गईं। जुमे की नमाज के उपरांत सेमरियावां, दुधारा, बाघनगर, उसरा शहीद, बिगरामीर, चिउटना, सालेहपुर, दरियाबाद व दानुकोईयां सहित विभिन्न स्थानों पर अफ्तारी के सामान की जमकर खरीदारी हुई। चैराहों और बाजारों में खजूर, फल, शरबत, पकौड़ी, समोसे, चना-चाट, दही-बड़े व अन्य पकवानों की दुकानों पर भीड़ देखी गई। उलेमाओं ने अपने संबोधन में रमजान की अहमियत और इसकी रूहानी विशेषताओं पर रोशनी डाली। बताया कि यह वही मुबारक महीना है जिसमें कुरान नाजिल हुआ, जो इंसानियत के लिए हिदायत और रहमत का पैगाम है। रमजान को सब्र, इबादत, परहेजगारी और आपसी मोहब्बत का महीना बताते हुए रोजे की हिकमत और जकात-सदका की अहमियत पर भी जोर दिया गया। रमजान के आगमन के साथ ही घरों और मस्जिदों में विशेष साफ-सफाई, इबादत और तैयारी का सिलसिला तेज हो गया है। सेहरी और तरावीह के दौरान क्षेत्र में अलग ही रौनक देखने को मिल रही है। इफ्तार के वक्त परिवार और समुदाय एक साथ बैठकर अजान का इंतजार करते हैं और खजूर से रोजा खोलने की सुन्नत अदा करते हैं। मस्जिदों में सामूहिक इफ्तार का आयोजन तथा आपसी सहयोग की भावना भी देखने को मिल रही है। अमीर-गरीब सभी एक साथ बैठकर रोजा खोलते हैं, जिससे सामाजिक एकता और भाईचारा मजबूत होता है।
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