कोर्ट ने सुनाया फैसला युवक की ऊंगली तोड़ने के आरोपी को तीन वर्ष का कारावास 65 सौ का अर्थदण्ड
दलित युवक की ऊंगली तोड़ने के आरोपी को तीन वर्ष का कारावास 65 सौ का अर्थदण्ड
.एससीएसटी कोर्ट ने सुनाया फैसला अर्थदण्ड की आधी धनराशि पीड़ित को देने का आदेश
.चीनी कम तौलने के विवाद में हुआ था मारपीट
संत कबीर नगर । विधि संवाददाता । दलित युवक को जातिसूचक गाली देते हुए मारपीट कर हाथ की ऊंगली तोड़ने के आरोपी को एडीजे व विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट गजेन्द्र की कोर्ट ने सुनवाई के पश्चात दोषसिद्ध करार देते हुए तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई ।
कोर्ट ने आरोपी रामराज गुप्ता पर सजा के साथ विभिन्न धाराओं में कुल 6 हजार पांच सौ रुपए का अर्थदण्ड का भी फैसला दिया । अर्थदण्ड का भुगतान न करने पर आरोपी को 20 .दिन की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी । कोर्ट ने अर्थदण्ड की सम्पूर्ण धनराशि में से आधी धनराशि पीड़ित को देने का आदेश दिया । चीनी कम तौलने के विवाद को लेकर आरोपी ने मारपीट कर घायल किया था ।
विशेष लोक अभियोजक एससीएसटी एक्ट आशीष प्रसाद पाण्डेय ने बताया कि मामला मेंहदावल थानाक्षेत्र के मिश्रौलिया पंडित का है । आरोपी रामराज गुप्ता पुत्र प्रेम प्रकाश गुप्ता ग्राम गंगापुरम थाना मेंहदावल का रहने वाला है । प्रकरण में पीड़ित हरीराम पुत्र बृजलाल ग्राम मिश्रौलिया पंडित ने अभियोग पंजीकृत कराया था । उसका आरोप था कि रामराज गुप्ता पुत्र अज्ञात का किराना का दुकान है । इसी के दुकान पर कुछ दिन पहले सामान लेने गए थे ।
चीनी कम तौल रहा था । वादी ने कहा कि बराबर तौल कर दो । इसी बात को लेकर दिनांक 19 अगस्त 2019 को समय लगभग 3ण्30 बजे रामराज गुप्ता फैट से मारने लगा । जिससे काफी चोटें आईं । वादी अनुसूचित जाति का चमार है । प्रकरण में पहले मारपीट व एससीएसटी एक्ट का अभियोग पंजीकृत हुआ । विवेचना के दौरान हाथ की ऊंगली टूटने के कारण धारा की बढ़ोत्तरी करके आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया ।
विशेष लोक अभियोजक एससीएसटी एक्ट आशीष प्रसाद पाण्डेय ने बताया कि अभियोजन की तरफ से कुल 8 साक्षी न्यायालय में प्रस्तुत किए गए । एडीजे व विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट गजेन्द्र की कोर्ट ने सुनवाई के पश्चात आरोपी को दोषसिद्ध करार दिया
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