संतकबीरनगर में हिन्दू मुस्लिम भाईचारा शीर्षक से ईद मिलन समरोह कवि सम्मेलन मुशायरा का आयोजन
सद्भावना मंच ने किया हिन्दू मुस्लिम भाईचारा शीर्षक से ईद मिलन समरोह कवि सम्मेलन मुशायरा का आयोजन
सेमरियावा/संतकबीरनगर। स्थानीय विकासखंड अन्तर्गत निकट चोरहा धर्मकांटा पर कवि सम्मेलन और मुशायरा का आयोजन किया गया। जिसमें सद्भावना मंच की ओर से “हिंदू-मुस्लिम भाईचारे” के विषय पर एक दिवसीय ईद मिलन समारोह,कवि सम्मेलन कार्यक्रम की अध्यक्षता कवि एवं पत्रकार मकसूद बस्तवी ने की तथा संचालन के दायित्व गुफरान नदवी ने निभाए। मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध चिकित्सक एवं शायर डॉ. एन.एन. श्रीवास्तव ‘बेचौन’ उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में क्रमशः सुनील कुमार यादव, प्रेम कुमार प्रियदर्शी और डॉ. डी.के. रोशन मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रसिद्ध पत्रकार एवं विश्लेषक अब्दुल हादी खान ने किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज जब चारों ओर नफरत का माहौल है, ऐसे समय में सद्भावना मंच द्वारा आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने और शांति व सौहार्द का संदेश फैलाने के उद्देश्य से “हिंदू-मुस्लिम भाईचारा” विषय पर इस प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन एक सराहनीय और सकारात्मक कदम है।
उन्होंने कहा कि हमें अपने भाइयों के बीच जाकर उनके दुख-दर्द में शामिल होना चाहिए और उन्हें यह एहसास दिलाना चाहिए कि हम हर समय उनके साथ खड़े हैं। विशिष्ट अतिथि सुनील कुमार यादव ने हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदायों की साझा कुर्बानियों और भारत के निर्माण एवं विकास में उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत को आगे बढ़ाने और इसे “सोने की चिड़िया” बनाने में सभी धर्मों के लोगों की बराबर भागीदारी है। प्रेम कुमार प्रियदर्शी ने कहा कि हमें आपसी भाईचारे को बढ़ावा देना चाहिए और इस दिशा में सद्भावना मंच ने एक अच्छी शुरुआत की है। अब यह हमारा कर्तव्य है कि हम मिल-जुलकर भाईचारे को मजबूत करें। डॉ. डी.के. रोशन ने अपनी बात की शुरुआत इस शेर से की“न तेरा है न मेरा है, यह हिंदुस्तान सबका है,नहीं समझी गई यह बात तो नुकसान सबका है।”उन्होंने कहा कि हमें एक-दूसरे के साथ मिलकर रहना चाहिए और आपसी सौहार्द को बढ़ावा देना चाहिए।
कार्यक्रम को सजाने-संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शायर वसीम खान ‘वसीम’ ने भाषा के विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आम धारणा है कि उर्दू दाईं ओर से और हिंदी बाईं ओर से लिखी जाती है, जिससे दोनों भाषाओं में टकराव होता है। लेकिन उनके अनुसार, आगे चलकर यह टकराव नहीं बल्कि एक सुंदर संगम बन जाता है, जिसे गंगा-जमुनी तहजीब की पहचान के रूप में देखा जाना चाहिए। सद्भावना मंच, जिला कबीर नगर के अध्यक्ष खैर बशर ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्था भविष्य में भी आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी।
कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता तथा अनुभवी शायर हारून साहिल ने अपने विचार रखते हुए कहा कि हमें अपने भाइयों के बीच जाकर यह विश्वास दिलाना चाहिए कि हम हर परिस्थिति में उनके साथ हैं और हिंदू-मुस्लिम एकता को मजबूत करने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे।
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